हमारे प्रमुख प्रोजेक्ट्स
“धर्म, सेवा और संस्कार – यही है हमारा संकल्प”
धर्म प्रचार एवं जागरूकता अभियान
रामायण, सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन
धार्मिक यात्राओं, झांकियों एवं कीर्तन समारोहों का आयोजन
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में धर्मसभा एवं सत्संग प्रवचन
तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार व सेवा
पुराने मंदिरों का नवीनीकरण
स्थानीय धार्मिक स्थलों की सफाई एवं सौंदर्यीकरण
भक्तों की सुविधा हेतु जल, भोजन एवं विश्राम केंद्रों की व्यवस्था
साधु-संत सेवा एवं सहयोग कार्यक्रम
आश्रय, भोजन एवं चिकित्सा सहायता
वयोवृद्ध साधु-संतों के लिए सेवा शिविर
धर्मरक्षा हेतु संन्यासियों को सहयोग
समाज सेवा और राहत कार्य
प्राकृतिक आपदा, बाढ़ या महामारी के समय राहत सामग्री वितरण
जरूरतमंदों के लिए कंबल, भोजन, वस्त्र एवं चिकित्सा सहायता
गरीब परिवारों की कन्याओं के विवाह सहयोग हेतु योजना
सांस्कृतिक एवं नैतिक शिक्षा अभियान
बच्चों व युवाओं के लिए धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यशालाएँ
नैतिक शिक्षा एवं संस्कारशाला कार्यक्रम
श्रीराम के आदर्शों पर आधारित चरित्र निर्माण कार्यक्रम
वार्षिक मेले व धार्मिक उत्सव
श्रीराम नवमी, हनुमान जयंती, दीपावली एवं अन्य पर्वों पर भव्य आयोजन
वार्षिक भक्ति महोत्सव एवं शोभा यात्रा का आयोजन
स्थानीय लोगों की सहभागिता से सामूहिक आयोजन
सामाजिक विकास
समाज में समानता, भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देना। ज़रूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान करना, गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, तथा सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना।
शैक्षिक विकास
शिक्षा के प्रसार और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा संस्थानों तक की स्थापना करना। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को नि:शुल्क या रियायती शिक्षा प्रदान करना तथा बालिका शिक्षा को विशेष बढ़ावा देना।
स्वास्थ्य सेवाएं
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन करना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, ज़रूरतमंदों को दवाइयाँ और स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराना तथा जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना।
पर्यावरण संरक्षण
वृक्षारोपण अभियान चलाना, स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देना, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, जैविक खेती और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध हो।
महिला सशक्तिकरण
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कौशल विकास कार्यक्रम, स्वरोजगार के अवसर, स्वयं सहायता समूह, कानूनी अधिकारों की जानकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना, ताकि वे समाज में सम्मान और अधिकार के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
बेरोजगारी निवारण
युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, उद्योग-धंधों की स्थापना, लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन, तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
संस्कृतिक संरक्षण
भारतीय संस्कृति, परंपराओं, कला, नृत्य, संगीत और लोककथाओं को संरक्षित करना तथा इनके प्रचार-प्रसार के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, कार्यशालाएँ और प्रदर्शनियों का आयोजन करना।
गौशाला संचालन
गौवंश की सुरक्षा, देखभाल एवं पालन हेतु गौशालाओं का संचालन करना, बीमार और लावारिस गायों के लिए चिकित्सा एवं आश्रय की व्यवस्था करना, तथा गौ-आधारित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना।
वृद्धाश्रम स्थापना
बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय प्रदान करना, उनकी देखभाल, चिकित्सा, भोजन और मनोरंजन की व्यवस्था करना, ताकि वे अपने जीवन के अंतिम चरण को सुकून से जी सकें।
आपदा राहत कार्य
बाढ़, भूकंप, आग, महामारी जैसी प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के समय त्वरित राहत एवं पुनर्वास कार्य करना, ज़रूरतमंदों को भोजन, कपड़े, दवाइयाँ और आश्रय उपलब्ध कराना।
चिकित्सा सेवाएं
ग्रामीण व पिछड़े इलाकों में मोबाइल हेल्थ यूनिट, ब्लड डोनेशन कैम्प, टीकाकरण कार्यक्रम, और गंभीर बीमारियों के लिए विशेष चिकित्सा शिविरों का आयोजन करना।
योग और प्राकृतिक चिकित्सा प्रचार
योग, प्राणायाम और प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना, नियमित योग शिविरों का आयोजन करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना।
व्यावसायिक प्रशिक्षण
सिलाई, बुनाई, कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग, मैकेनिकल कार्य, और अन्य तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
स्कूल-कॉलेज की स्थापना
शिक्षा की पहुँच को बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण स्कूल, कॉलेज, तकनीकी संस्थान और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना करना, ताकि हर बच्चा और युवा उचित शिक्षा प्राप्त कर सके।